Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.50.17: सौम्य रघुनन्दन! यद्यपि मुझे यह बात आपसे कहनी ही नहीं चाहिए, फिर भी यदि आपको इसे सुनने की श्रद्धा (आतुरता) है, तो सुनिए॥17॥   |   ramayan सर्ग 7.50: लक्ष्मण और सुमन्त्र की बातचीत   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 50: लक्ष्मण और सुमन्त्र की बातचीत  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.50.17 
सर्वथैव न वक्तव्यं मया सौम्य तवाग्रत:।
यदि ते श्रवणे श्रद्धा श्रूयतां रघुनन्दन॥ १७॥
 
 
अनुवाद
सौम्य रघुनन्दन! यद्यपि मुझे यह बात आपसे कहनी ही नहीं चाहिए, फिर भी यदि आपको इसे सुनने की श्रद्धा (आतुरता) है, तो सुनिए॥17॥
 
Soumya Raghunandan! Although I should not say this to you at all, yet if you have faith (eagerness) to hear this, then listen. 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)