श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 5: सुकेश के पुत्र माल्यवान्, सुमाली और माली की संतानों का वर्णन  »  श्लोक 23-24h
 
 
श्लोक  7.5.23-24h 
दक्षिणस्योदधेस्तीरे त्रिकूटो नाम पर्वत:॥ २३॥
सुवेल इति चाप्यन्यो द्वितीयो राक्षसेश्वर:।
 
 
अनुवाद
(वे बोले,) 'दैत्यराज! दक्षिण सागर के तट पर त्रिकूट नामक एक पर्वत है और सुवेल नामक एक और प्रसिद्ध शिला है।'
 
(They said,) 'Kings of demons! On the shore of the southern ocean there is a mountain called Trikuta and another famous rock called Suvel. 23 1/2.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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