श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 5: सुकेश के पुत्र माल्यवान्, सुमाली और माली की संतानों का वर्णन  »  श्लोक 22-23h
 
 
श्लोक  7.5.22-23h 
विश्वकर्मा ततस्तेषां राक्षसानां महाभुज:॥ २२॥
निवासं कथयामास शक्रस्येवामरावतीम्।
 
 
अनुवाद
यह सुनकर महाबली विश्वकर्मा ने दैत्यों को एक ऐसे निवास का पता बताया, जिसे जानकर इन्द्र की अमरावती भी लज्जित हो जाएगी।
 
On hearing this, the mighty Vishwakarma told the demons the address of a residence that would put even Indra's Amaravati to shame. 22 1/2
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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