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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 7: उत्तर काण्ड
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सर्ग 49: मुनि कुमारोंसे समाचार पाकर वाल्मीकि का सीता के पास आ उन्हें सान्त्वना देना और आश्रम में लिवा ले जाना
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श्लोक 19
श्लोक
7.49.19
स्वागतं ते मुनिश्रेष्ठ चिरस्यागमनं च ते।
अभिवादयामस्त्वां सर्वा उच्यतां किं च कुर्महे॥ १९॥
अनुवाद
'मुनिश्रेष्ठ! आपका स्वागत है। आप बहुत दिनों के बाद यहाँ पधारे हैं। हम सब आपका अभिवादन करते हैं। बताइए, हम आपकी क्या सेवा कर सकते हैं?'॥19॥
‘Munishreshtha! You are welcome. You have arrived here after a long time. We all greet you. Tell us, what service can we do for you?'॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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