श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 45: श्रीराम का भाइयों के समक्ष सर्वत्र फैले हुए लोकापवाद की चर्चा करके सीता को वन में छोड़ आने के लिये लक्ष्मण को आदेश देना  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  7.45.9-10h 
एवं शुद्धसमाचारा देवगन्धर्वसंनिधौ॥ ९॥
लङ्काद्वीपे महेन्द्रेण मम हस्ते निवेशिता।
 
 
अनुवाद
इस प्रकार शुद्ध आचरणवाली सीता को देवताओं और गन्धर्वों के पास भगवान इन्द्र ने लंका द्वीप में मुझे सौंप दिया ॥9 1/2॥
 
In this way, Sita, having pure conduct, was handed over to me in the island of Lanka by Lord Indra, near the gods and Gandharvas. 9 1/2॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd