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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 7: उत्तर काण्ड
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सर्ग 45: श्रीराम का भाइयों के समक्ष सर्वत्र फैले हुए लोकापवाद की चर्चा करके सीता को वन में छोड़ आने के लिये लक्ष्मण को आदेश देना
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श्लोक 22-23h
श्लोक
7.45.22-23h
मानयन्तु भवन्तो मां यदि मच्छासने स्थिता:॥ २२॥
इतोऽद्य नीयतां सीता कुरुष्व वचनं मम।
अनुवाद
यदि तुम मेरा आदर करते हो और मेरी आज्ञा का पालन करना चाहते हो, तो अभी सीता को यहाँ से वन में ले जाओ। मेरी इस आज्ञा का पालन करो॥ 22 1/2॥
‘If you respect me and want to obey my orders, then now take Sita from here to the forest. Follow this order of mine.॥ 22 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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