Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.44.5: तब 'बहुत अच्छा' कहकर सुमित्रापुत्र लक्ष्मण श्री राम की आज्ञा स्वीकार करके तुरंत रथ पर बैठकर श्री रघुनाथजी के महल की ओर तेजी से चले।   |   ramayan सर्ग 7.44: श्रीराम के बुलाने से सब भाइयों का उनके पास आना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 44: श्रीराम के बुलाने से सब भाइयों का उनके पास आना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.44.5 
बाढमित्येव सौमित्रि: कृत्वा राघवशासनम्।
प्राद्रवद् रथमारुह्य राघवस्य निवेशनम्॥ ५॥
 
 
अनुवाद
तब 'बहुत अच्छा' कहकर सुमित्रापुत्र लक्ष्मण श्री राम की आज्ञा स्वीकार करके तुरंत रथ पर बैठकर श्री रघुनाथजी के महल की ओर तेजी से चले।
 
Then, saying 'very good', Sumitra's son Lakshman accepted Shri Rama's command and immediately sat on the chariot and moved rapidly towards Shri Raghunath's palace.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)