Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
ramayan 7.44.3: श्री राम का यह आदेश सुनकर द्वारपाल ने हाथ जोड़कर उन्हें प्रणाम किया और लक्ष्मण के घर जाकर बिना किसी रोक-टोक के उसमें प्रवेश कर गया।   |   ramayan सर्ग 7.44: श्रीराम के बुलाने से सब भाइयों का उनके पास आना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 44: श्रीराम के बुलाने से सब भाइयों का उनके पास आना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.44.3 
रामस्य वचनं श्रुत्वा द्वा:स्थो मूर्ध्नि कृताञ्जलि:।
लक्ष्मणस्य गृहं गत्वा प्रविवेशानिवारित:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
श्री राम का यह आदेश सुनकर द्वारपाल ने हाथ जोड़कर उन्हें प्रणाम किया और लक्ष्मण के घर जाकर बिना किसी रोक-टोक के उसमें प्रवेश कर गया।
 
On hearing this order from Shri Rama, the doorkeeper folded his hands and bowed to Him and went to Lakshmana's house and entered it without any hindrance.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)