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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 42: अशोकवनिका में श्रीराम और सीता का विहार, गर्भिणी सीता का तपोवन देखने की इच्छा प्रकट करना और श्रीराम का इसके लिये स्वीकृति देना  »  श्लोक 20-21h
 
 
श्लोक  7.42.20-21h 
उपानृत्यंश्च राजानं नृत्यगीतविशारदा:॥ २०॥
अप्सरोरगसंघाश्च किंनरीपरिवारिता:।
 
 
अनुवाद
उस समय नृत्य और गान कला में निपुण अप्सराएं और नागकन्याएं राजा राम की उपस्थिति में किन्नरियों के साथ नृत्य करने लगीं।
 
At that time, the Apsaras and Nagakanyas, adept in the art of dance and song, began dancing together with the Kinnaris in the presence of King Rama.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)