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ramayan 7.42.19-20h: सेवक तुरंत ही श्री राम के भोजन के लिए राजसी भोजन सामग्री (नाना प्रकार के भोजन) और नाना प्रकार के फल ले आए। 19 1/2॥   |   ramayan सर्ग 7.42: अशोकवनिका में श्रीराम और सीता का विहार, गर्भिणी सीता का तपोवन देखने की इच्छा प्रकट करना और श्रीराम का इसके लिये स्वीकृति देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 42: अशोकवनिका में श्रीराम और सीता का विहार, गर्भिणी सीता का तपोवन देखने की इच्छा प्रकट करना और श्रीराम का इसके लिये स्वीकृति देना  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  7.42.19-20h 
मांसानि च सुमृष्टानि फलानि विविधानि च॥ १९॥
रामस्याभ्यवहारार्थं किंकरास्तूर्णमाहरन्।
 
 
अनुवाद
सेवक तुरंत ही श्री राम के भोजन के लिए राजसी भोजन सामग्री (नाना प्रकार के भोजन) और नाना प्रकार के फल ले आए। 19 1/2॥
 
The servants immediately brought royal food items (various types of food) and various types of fruits for Shri Ram's food. 19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)