Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.42.14-15h: वहाँ, मानो वृक्षों के फूल एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहे हों, काली चट्टानें गिरे हुए फूलों से धब्बेदार दिखाई दे रही थीं, मानो आकाश तारों से सुशोभित हो। | ramayan सर्ग 7.42: अशोकवनिका में श्रीराम और सीता का विहार, गर्भिणी सीता का तपोवन देखने की इच्छा प्रकट करना और श्रीराम का इसके लिये स्वीकृति देना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ, मानो वृक्षों के फूल एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहे हों, काली चट्टानें गिरे हुए फूलों से धब्बेदार दिखाई दे रही थीं, मानो आकाश तारों से सुशोभित हो।
There, as if the flowers of the trees were competing with each other, the black rocks appeared spotted with the fallen flowers, just like the sky decorated with the stars. 14 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥