Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.42.11: जिनमें माणिक्य की सीढ़ियाँ बनी थीं। सीढ़ियों के बाद, कुछ दूर तक पानी के अंदर का फर्श स्फटिक रत्नों से ढका हुआ था। उन बावड़ियों के अंदर खिले हुए कमल और कुमुदिनी के समूह सुन्दर लग रहे थे, चक्रवाक भी उनकी शोभा बढ़ा रहे थे। 11. | ramayan सर्ग 7.42: अशोकवनिका में श्रीराम और सीता का विहार, गर्भिणी सीता का तपोवन देखने की इच्छा प्रकट करना और श्रीराम का इसके लिये स्वीकृति देना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जिनमें माणिक्य की सीढ़ियाँ बनी थीं। सीढ़ियों के बाद, कुछ दूर तक पानी के अंदर का फर्श स्फटिक रत्नों से ढका हुआ था। उन बावड़ियों के अंदर खिले हुए कमल और कुमुदिनी के समूह सुन्दर लग रहे थे, चक्रवाक भी उनकी शोभा बढ़ा रहे थे। 11.
In which stairs were made of ruby. After the stairs, the floor inside the water for some distance was covered with crystal gems. Inside those stepwells, clusters of blooming lotus and lilies looked beautiful, Chakravakas were also adding to their beauty. 11.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥