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ramayan 7.42.10: वहाँ अनेक प्रकार के सुगंधित पुष्प और गुच्छे दिखाई दे रहे थे। शुद्ध जल से भरे अनेक प्रकार के कुएँ दिखाई दे रहे थे।   |   ramayan सर्ग 7.42: अशोकवनिका में श्रीराम और सीता का विहार, गर्भिणी सीता का तपोवन देखने की इच्छा प्रकट करना और श्रीराम का इसके लिये स्वीकृति देना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 42: अशोकवनिका में श्रीराम और सीता का विहार, गर्भिणी सीता का तपोवन देखने की इच्छा प्रकट करना और श्रीराम का इसके लिये स्वीकृति देना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.42.10 
सुरभीणि च पुष्पाणि माल्यानि विविधानि च।
दीर्घिका विविधाकारा: पूर्णा: परमवारिणा॥ १०॥
 
 
अनुवाद
वहाँ अनेक प्रकार के सुगंधित पुष्प और गुच्छे दिखाई दे रहे थे। शुद्ध जल से भरे अनेक प्रकार के कुएँ दिखाई दे रहे थे।
 
Many kinds of fragrant flowers and bunches were visible there. Many kinds of wells filled with pure water were seen.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)