Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.42.1: स्वर्ण-मंडित पुष्पक विमान को विदा करके महाबाहु श्री राम ने अशोकवनिका (अंतर कक्ष में दर्शनीय उद्यान) में प्रवेश किया। 1॥ | ramayan सर्ग 7.42: अशोकवनिका में श्रीराम और सीता का विहार, गर्भिणी सीता का तपोवन देखने की इच्छा प्रकट करना और श्रीराम का इसके लिये स्वीकृति देना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स विसृज्य ततो राम: पुष्पकं हेमभूषितम्।
प्रविवेश महाबाहुरशोकवनिकां तदा॥ १॥
अनुवाद
स्वर्ण-मंडित पुष्पक विमान को विदा करके महाबाहु श्री राम ने अशोकवनिका (अंतर कक्ष में दर्शनीय उद्यान) में प्रवेश किया। 1॥
After bidding farewell to the gold-adorned Pushpak Vimana, the mighty-armed Shri Ram entered the Ashokavanika (the park worth visiting in the inner chamber). 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥