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ramayan 7.41.8: रघुकुल को सुख पहुँचाने वाले श्री राम सम्पूर्ण जगत के आश्रय हैं। आप उनके वाहन बनें - यही मेरी परम इच्छा है। अतः आप निश्चिंत होकर जाएँ।॥8॥   |   ramayan सर्ग 7.41: कुबेर के भेजे हुए पुष्पकविमान का आना और श्रीराम से पूजित एवं अनुगृहीत होकर अदृश्य हो जाना, भरत के द्वारा श्रीरामराज्य के विलक्षण प्रभाव का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 41: कुबेर के भेजे हुए पुष्पकविमान का आना और श्रीराम से पूजित एवं अनुगृहीत होकर अदृश्य हो जाना, भरत के द्वारा श्रीरामराज्य के विलक्षण प्रभाव का वर्णन  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  7.41.8 
परमो ह्येष मे कामो यत् त्वं राघवनन्दनम्।
वहेर्लोकस्य संयानं गच्छस्व विगतज्वर:॥ ८॥
 
 
अनुवाद
रघुकुल को सुख पहुँचाने वाले श्री राम सम्पूर्ण जगत के आश्रय हैं। आप उनके वाहन बनें - यही मेरी परम इच्छा है। अतः आप निश्चिंत होकर जाएँ।॥8॥
 
Sri Ram, who makes the Raghu clan happy, is the shelter of the entire world. You should be used as his vehicle - this is my greatest wish. Therefore, you go without any worry.'॥ 8॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)