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ramayan 7.41.17-18h: वीरवर! आप तो ईश्वर के समान हैं। इसीलिए आपके राज्यकाल में मनुष्येत्तर प्राणी भी प्रायः मनुष्यों की भाँति बोलते हुए दिखाई देते हैं। 17 1/2॥   |   ramayan सर्ग 7.41: कुबेर के भेजे हुए पुष्पकविमान का आना और श्रीराम से पूजित एवं अनुगृहीत होकर अदृश्य हो जाना, भरत के द्वारा श्रीरामराज्य के विलक्षण प्रभाव का वर्णन   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 41: कुबेर के भेजे हुए पुष्पकविमान का आना और श्रीराम से पूजित एवं अनुगृहीत होकर अदृश्य हो जाना, भरत के द्वारा श्रीरामराज्य के विलक्षण प्रभाव का वर्णन  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  7.41.17-18h 
विबुधात्मनि दृश्यन्ते त्वयि वीर प्रशासति॥ १७॥
अमानुषाणि सत्त्वानि व्याहृतानि मुहुर्मुहु:।
 
 
अनुवाद
वीरवर! आप तो ईश्वर के समान हैं। इसीलिए आपके राज्यकाल में मनुष्येत्तर प्राणी भी प्रायः मनुष्यों की भाँति बोलते हुए दिखाई देते हैं। 17 1/2॥
 
Veervar! You are like God. That is why during your reign, even non-human beings are often seen speaking like humans. 17 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)