Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.41.15-16h: पुष्पक ने 'ऐसा ही हो' कहकर उनकी आज्ञा स्वीकार कर ली। इस प्रकार जब श्रीराम ने उसे प्रणाम किया और जाने की अनुमति दी, तब पुष्पक वहाँ से इच्छित दिशा में चल पड़ा। | ramayan सर्ग 7.41: कुबेर के भेजे हुए पुष्पकविमान का आना और श्रीराम से पूजित एवं अनुगृहीत होकर अदृश्य हो जाना, भरत के द्वारा श्रीरामराज्य के विलक्षण प्रभाव का वर्णन । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुष्पक ने 'ऐसा ही हो' कहकर उनकी आज्ञा स्वीकार कर ली। इस प्रकार जब श्रीराम ने उसे प्रणाम किया और जाने की अनुमति दी, तब पुष्पक वहाँ से इच्छित दिशा में चल पड़ा।
Pushpak accepted his order saying 'so be it'. In this manner, when Shri Ram worshipped him and gave him permission to leave, Pushpak left from there in the desired direction. 15 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥