श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 4: रावण आदि का जन्म और उनका तप के लिये गोकर्ण - आश्रम में जाना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.4.3 
भगवन् पूर्वमप्येषा लङ्काऽऽसीत् पिशिताशिनाम्।
श्रुत्वेदं भगवद्वाक्यं जातो मे विस्मय: पर:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! मुझे आपसे यह सुनकर बड़ा आश्चर्य हो रहा है कि कुबेर और रावण से भी पहले यह लंका नगरी मांसाहारी राक्षसों के अधीन थी॥3॥
 
O Lord! I am very surprised to hear from you that even before Kubera and Ravana, this city of Lanka was under the control of carnivorous demons. ॥ 3॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd