vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 39: राजाओं का श्रीराम के लिये भेंट देना और श्रीराम का वह सब लेकर अपने मित्रों, वानरों, रीछों और राक्षसों को बाँट देना तथा वानर आदि का वहाँ सुखपूर्वक रहना
»
श्लोक 19
श्लोक
7.39.19
इत्युक्त्वा व्यवमुच्याङ्गाद् भूषणानि महायशा:।
स बबन्ध महार्हाणि तदाङ्गदहनूमतो:॥ १९॥
अनुवाद
ऐसा कहकर महामुनि श्री राम ने अपने शरीर से बहुमूल्य आभूषण उतारकर अंगद और हनुमान्जी के अंगों पर बाँध दिए॥19॥
Saying this, the great sage Shri Ram removed the precious ornaments from his body and tied them on the limbs of Angad and Hanuman. 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×