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श्लोक 7.36.9  |
अनेन शिशुना कार्यं कर्तव्यं वो भविष्यति।
तद् ददध्वं वरान् सर्वे मारुतस्यास्य तुष्टये॥ ९॥ |
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| अनुवाद |
| इस बालक के द्वारा भविष्य में तुम्हारे बहुत से कार्य सिद्ध होंगे, अतः वायु देवता को प्रसन्न करने के लिए तुम सब लोग इस पर कृपा करो।’ ॥9॥ |
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| Many of your tasks will be accomplished in the future through this child, therefore, to please the Vayu deity, all of you should bless him.' ॥9॥ |
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