श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 34: वाली के द्वारा रावण का पराभव तथा रावण का उन्हें अपना मित्र बनाना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  7.34.10 
अथवा त्वरसे मर्तुं गच्छ दक्षिणसागरम्।
वालिनं द्रक्ष्यसे तत्र भूमिष्ठमिव पावकम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
'अथवा यदि तुम्हें मरने की बहुत जल्दी हो, तो दक्षिण सागर के तट पर जाओ। वहाँ तुम्हें पृथ्वी पर स्थित अग्निदेव के समान एक प्राणी दिखाई देगा।'॥10॥
 
‘Or if you are in a great hurry to die, go to the shores of the southern ocean. There you will see a being like Agnidev situated on the earth.’॥10॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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