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श्लोक 7.34.10  |
अथवा त्वरसे मर्तुं गच्छ दक्षिणसागरम्।
वालिनं द्रक्ष्यसे तत्र भूमिष्ठमिव पावकम्॥ १०॥ |
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| अनुवाद |
| 'अथवा यदि तुम्हें मरने की बहुत जल्दी हो, तो दक्षिण सागर के तट पर जाओ। वहाँ तुम्हें पृथ्वी पर स्थित अग्निदेव के समान एक प्राणी दिखाई देगा।'॥10॥ |
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| ‘Or if you are in a great hurry to die, go to the shores of the southern ocean. There you will see a being like Agnidev situated on the earth.’॥10॥ |
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