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श्लोक 7.33.13  |
तं धर्मेऽग्निषु पुत्रेषु शिवं पृष्ट्वा च पार्थिवम्।
पुलस्त्योवाच राजानं हैहयानां तथार्जुनम्॥ १३॥ |
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| अनुवाद |
| तब पुलस्त्य जी ने राजा अर्जुन से उनके धर्म, अग्नि और पुत्रों का कुशलक्षेम पूछा और उनसे इस प्रकार कहा- ॥13॥ |
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| Then Pulastya ji asked about the well-being of King Arjuna about his religion, fire and sons and said to him in this way - ॥ 13॥ |
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