vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना
»
श्लोक 62
श्लोक
7.32.62
स त्वर्जुनप्रयुक्तेन गदाघातेन रावण:।
अपासर्पद् धनुर्मात्रं निषसाद च निष्टनन्॥ ६२॥
अनुवाद
परन्तु अर्जुन की गदासे घायल होकर रावण एक धनुष दूर जाकर बैठ गया और पीड़ासे कराहने लगा॥ 62॥
‘However, Ravana, struck by the mace thrown by Arjuna, retreated one bow's length and sat down wailing in pain.॥ 62॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd