Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.32.51-53: जैसे दो व्याकुल समुद्र, दो हिलते हुए पर्वत, दो तेजस्वी आदित्य, दो जलती हुई अग्नियाँ, बल से उन्मत्त दो हाथी, कामातुर गौओं सहित दो युद्धरत बैल, दो गर्जना करते हुए बादल, दो भयंकर शक्तिशाली सिंह, तथा क्रोध में भरे हुए रुद्र और कालदेव के समान रावण और अर्जुन गदाओं से एक दूसरे पर भारी प्रहार करने लगे। | ramayan सर्ग 7.32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे दो व्याकुल समुद्र, दो हिलते हुए पर्वत, दो तेजस्वी आदित्य, दो जलती हुई अग्नियाँ, बल से उन्मत्त दो हाथी, कामातुर गौओं सहित दो युद्धरत बैल, दो गर्जना करते हुए बादल, दो भयंकर शक्तिशाली सिंह, तथा क्रोध में भरे हुए रुद्र और कालदेव के समान रावण और अर्जुन गदाओं से एक दूसरे पर भारी प्रहार करने लगे।
Like two agitated oceans, two mountains shaking at their base, two illustrious Adityas, two burning fires, two elephants mad with power, two fighting bulls with their lustful cows, two loud roaring clouds, two fiercely powerful lions, and like Rudra and Kaladev filled with rage, Ravana and Arjuna, with maces, began to inflict deep blows on each other.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥