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ramayan 7.32.3: उन सुन्दर स्त्रियों के बीच बैठे हुए राजा अर्जुन ऐसे शोभायमान हो रहे थे, जैसे हजारों हाथियों के बीच बैठा हुआ हाथियों का राजा शोभायमान हो।   |   ramayan सर्ग 7.32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  7.32.3 
तासां मध्यगतो राजा रराज च तदार्जुन:।
करेणूनां सहस्रस्य मध्यस्थ इव कुञ्जर:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
उन सुन्दर स्त्रियों के बीच बैठे हुए राजा अर्जुन ऐसे शोभायमान हो रहे थे, जैसे हजारों हाथियों के बीच बैठा हुआ हाथियों का राजा शोभायमान हो।
 
King Arjuna seated amidst those beautiful ladies looked as beautiful as a king of elephants situated in the midst of thousands of female elephants.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)