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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 7: उत्तर काण्ड
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सर्ग 32: अर्जुन की भुजाओं से नर्मदा के प्रवाह का अवरुद्ध होना, रावण के पुष्पोपहार का बह जाना, फिर रावण आदि निशाचरों का अर्जुन के साथ युद्ध तथा अर्जुन का रावण को कैद करके अपने नगर में ले जाना
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श्लोक 26-27h
श्लोक
7.32.26-27h
अमात्या: क्षिप्रमाख्यात हैहयस्य नृपस्य वै॥ २६॥
युद्धार्थं समनुप्राप्तो रावणो नाम नामत:।
अनुवाद
‘मंत्रियो! शीघ्र जाकर राजा हैहय से कहो कि रावण तुमसे युद्ध करने आया है।’॥26 1/2॥
‘Ministers! Go quickly and tell King Haihaya that Ravana has come to fight with you.’॥ 26 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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