श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 31: रावण का माहिष्मतीपुरी में जाना और वहाँ के राजा अर्जुन को न पाकर मन्त्रियों सहित उसका विन्ध्यगिरि के समीप नर्मदा में नहाकर भगवान् शिव की आराधना करना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.31.4 
उताहो हतवीर्यास्ते बभूवु: पृथिवीक्षित:।
बहिष्कृता वरास्त्रैश्च बहवो निर्जिता नृपा:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
'या फिर उस समय के सभी राजा साहस से रहित थे और उनमें शस्त्र विद्या का अभाव था, जिसके कारण उनमें से अधिकांश महान राजा रावण से पराजित हो गए।'
 
‘Or all the kings of that time were devoid of courage and lacked knowledge of weapons, due to which most of those great kings were defeated by Ravana.’
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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