ततो मया रूपगुणैरहल्या स्त्री विनिर्मिता।
हलं नामेह वैरूप्यं हल्यं तत्प्रभवं भवेत्॥ २२॥
यस्या न विद्यते हल्यं तेनाहल्येति विश्रुता।
अहल्येत्येव च मया तस्या नाम प्रकीर्तितम्॥ २३॥
अनुवाद
'उस अद्भुत सौन्दर्य और गुणों से युक्त जिस स्त्री की मैंने सृष्टि की, उसका नाम अहिल्या रखा गया। इस संसार में कुरूपता को 'हल' और उससे उत्पन्न निन्दनीयता को 'हल्या' कहते हैं। जिस स्त्री में हल्य (निन्दनीय रूप) नहीं है, उसे अहिल्या कहते हैं; इसीलिए वह नव-निर्मित स्त्री अहिल्या नाम से प्रसिद्ध हुई। मैंने ही उसका नाम अहिल्या रखा।'
‘The woman who was created by me with those wonderful beauty and qualities was named Ahalya. In this world, ugliness is called 'Hal' and the condemnableness that comes from it is called 'Halya'. The woman who does not have 'Halya' (condemnable form) is called Ahalya; that is why the newly created woman became famous by the name of Ahalya. I myself named her Ahalya.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥