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ramayan 7.3.30: वे सभी राक्षस रसातल में चले गए थे, इसीलिए लंकापुरी वीरान हो गई थी। इस समय भी लंकापुरी वीरान है, उसका कोई स्वामी नहीं है।   |   ramayan सर्ग 7.3: राक्षस वंश का वर्णन - हेति, विद्युत्केश और सुकेश की उत्पत्ति   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 3: राक्षस वंश का वर्णन - हेति, विद्युत्केश और सुकेश की उत्पत्ति  »  श्लोक 30
 
 
श्लोक  7.3.30 
शून्या रक्षोगणै: सर्वै रसातलतलं गतै:।
शून्या सम्प्रति लङ्का सा प्रभुस्तस्या न विद्यते॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
वे सभी राक्षस रसातल में चले गए थे, इसीलिए लंकापुरी वीरान हो गई थी। इस समय भी लंकापुरी वीरान है, उसका कोई स्वामी नहीं है।
 
‘All those demons had gone to Rasatala, that is why Lankapuri became deserted. Even at this time, Lankapuri is deserted, it has no master.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)