श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 29: रावण का देवसेना के बीच से होकर निकलना, देवताओं का उसे कैद करने के लिये प्रयत्न, मेघनाद का माया द्वारा इन्द्र को बन्दी बनाना तथा विजयी होकर सेना सहित लङ्का को लौटना  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  7.29.4 
इन्द्रश्च रावणश्चैव रावणिश्च महाबल:।
तस्मिंस्तमोजालवृते मोहमीयुर्न ते त्रय:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
इन्द्र, रावण और रावणपुत्र महाबली मेघनाद, ये तीनों उस श्यामवस्त्रधारी समरांगण पर मोहित नहीं हुए॥4॥
 
Indra, Ravana and Ravana's son, the mighty Meghnad, these three were not captivated by that dark-clad Samararangana. 4॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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