श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 29: रावण का देवसेना के बीच से होकर निकलना, देवताओं का उसे कैद करने के लिये प्रयत्न, मेघनाद का माया द्वारा इन्द्र को बन्दी बनाना तथा विजयी होकर सेना सहित लङ्का को लौटना  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.29.21 
एतस्मिन्नन्तरे नादो मुक्तो दानवराक्षसै:।
हा हता: स्म इति ग्रस्तं दृष्ट्वा शक्रेण रावणम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
इसी समय रावण को इन्द्र के चंगुल में फंसा हुआ देखकर दैत्य और राक्षस बड़े जोर से चिल्लाकर कहने लगे कि ‘हाय! हम मारे गए।’ ॥21॥
 
At this very time, seeing Ravana trapped in Indra's clutches, the demons and monsters cried out loudly, saying, 'Alas! We are killed.' ॥21॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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