श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 29: रावण का देवसेना के बीच से होकर निकलना, देवताओं का उसे कैद करने के लिये प्रयत्न, मेघनाद का माया द्वारा इन्द्र को बन्दी बनाना तथा विजयी होकर सेना सहित लङ्का को लौटना  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.29.13 
सुरा: शृणुत मद्वाक्यं यत् तावन्मम रोचते।
जीवन्नेव दशग्रीव: साधु रक्षो निगृह्यताम्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
हे देवताओं! मेरी बात सुनो। मैं तो यही चाहूँगा कि इस दशग्रीव राक्षस को जीवित ही पकड़ लिया जाए॥13॥
 
O gods! Listen to me. I would prefer that this demon Dashagriva be captured alive.॥ 13॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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