श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 29: रावण का देवसेना के बीच से होकर निकलना, देवताओं का उसे कैद करने के लिये प्रयत्न, मेघनाद का माया द्वारा इन्द्र को बन्दी बनाना तथा विजयी होकर सेना सहित लङ्का को लौटना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.29.1 
ततस्तमसि संजाते सर्वे ते देवराक्षसा:।
अयुद्धॺन्त बलोन्मत्ता: सूदयन्त: परस्परम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
जब चारों ओर अंधकार छा गया, तब शक्ति के मद में उन्मत्त हुए सभी देवता और दैत्य आपस में लड़ने लगे, एक दूसरे को मारने लगे॥1॥
 
When darkness prevailed all around, then all the gods and demons, mad with power, started fighting with each other, killing each other.॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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