श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध  »  श्लोक 46
 
 
श्लोक  7.28.46 
तत: शक्रो महच्चापं विस्फार्य सुमहास्वनम्।
यस्य विस्फारनिर्घोषै: स्तनन्ति स्म दिशो दश॥ ४६॥
 
 
अनुवाद
तब इन्द्र ने अपना विशाल धनुष खींचा, जिससे बड़ी भारी ध्वनि हुई और उसकी ध्वनि दसों दिशाओं में गूँज उठी॥ 46॥
 
Then Indra drew his huge bow which made a loud sound. Its sound reverberated in all the ten directions.॥ 46॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd