श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  7.28.29 
एतस्मिन्नन्तरे शूरो दशग्रीव: प्रतापवान्।
आरुरोह रथं दिव्यं निर्मितं विश्वकर्मणा॥ २९॥
 
 
अनुवाद
इसी बीच महाबली योद्धा दशग्रीव भी विश्वकर्मा द्वारा निर्मित दिव्य रथ पर सवार होकर आये।
 
Meanwhile the mighty warrior Dashagriva also rode on the divine chariot made by Vishwakarma.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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