श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  7.28.27 
रुद्रैर्वसुभिरादित्यैरश्विभ्यां समरुद‍्गणै:।
वृतो नानाप्रहरणैर्निर्ययौ त्रिदशाधिप:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् रुद्रों, वसुओं, आदित्यों, अश्विनीकुमारों और मरुद्गणों से घिरे हुए देवराज इन्द्र नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्र धारण किए हुए पुरी से बाहर निकले॥27॥
 
Thereafter, Devraj Indra, surrounded by Rudras, Vasus, Adityas, Ashvinikumars and Marudganas, came out of Puri carrying various types of weapons. 27॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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