श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.28.19 
एतस्मिन्नन्तरे वीर: पुलोमा नाम वीर्यवान्।
दैत्येन्द्रस्तेन संगृह्य शचीपुत्रोऽपवाहित:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
इतने में ही पराक्रमी राक्षसराज पुलोमा वहाँ आ पहुँचा और शचीपुत्र जयन्त को पकड़कर वहाँ से ले गया ॥19॥
 
Meanwhile the valiant demon king Puloma arrived on the scene and captured Sachi's son Jayanta and took him away from there. ॥19॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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