vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
»
काण्ड 7: उत्तर काण्ड
»
सर्ग 28: मेघनाद और जयन्त का युद्ध, पुलोमा का जयन्त को अन्यत्र ले जाना, देवराज इन्द्र का युद्ध भूमि में पदार्पण, रुद्रों तथा मरुद्गणों द्वारा राक्षस सेना का संहार और इन्द्र तथा रावण का युद्ध
»
श्लोक 13
श्लोक
7.28.13
ततो नानाप्रहरणाञ्छितधारान् सहस्रश:।
पातयामास संक्रुद्ध: सुरसैन्येषु रावणि:॥ १३॥
अनुवाद
क्रोधित होकर रावण के पुत्र ने देवताओं की सेना पर नाना प्रकार के तीखे हथियारों की हजारों वर्षा की ॥13॥
Enraged, Ravana's son showered thousands of sharp-edged weapons of various kinds on the army of the gods. ॥13॥
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd