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श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
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काण्ड 7: उत्तर काण्ड
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सर्ग 27: सेना सहित रावण का इन्द्रलोक पर आक्रमण, इन्द्र की भगवान् विष्णु से सहायता के लिये प्रार्थना, भविष्य में रावण वध की प्रतिज्ञा करके विष्णु का इन्द्र को लौटाना, देवताओं और राक्षसों का युद्ध तथा वसु के द्वारा सुमाली का वध
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श्लोक 4
श्लोक
7.27.4
आदित्यांश्च वसून् रुद्रान् साध्यांश्च समरुद्गणान्।
सज्जा भवत युद्धार्थं रावणस्य दुरात्मन:॥ ४॥
अनुवाद
उन्होंने आदित्यों, वसुओं, रुद्रों, साध्यों और मरुतों से भी कहा- 'तुम सब लोग दुष्टबुद्धि वाले रावण से युद्ध करने के लिए तैयार हो जाओ।'
He also said to the Adityas, Vasus, Rudras, Sadhyas and Maruts - 'All of you get ready to fight against the evil-minded Ravana.'
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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