श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.26.9 
घण्टानामिव संनाद: शुश्रुवे मधुरस्वन:।
अप्सरोगणसङ्घानां गायतां धनदालये॥ ९॥
 
 
अनुवाद
वहाँ से कुबेर के महल में गा रही अप्सराओं के गीतों की मधुर ध्वनि, घंटियों की ध्वनि के समान सुनाई दे रही थी।
 
From there, the sweet sound of the songs of the Apsaras singing in Kubera's palace could be heard, like the sound of bells.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)