श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 26: रावण का रम्भा पर बलात्कार करना और नलकूबर का रावण को भयंकर शाप देना  »  श्लोक 46-47h
 
 
श्लोक  7.26.46-47h 
एष देव दशग्रीव: प्राप्तो गन्तुं त्रिविष्टपम्॥ ४६॥
तेन सैन्यसहायेन निशेयं परिणामिता।
 
 
अनुवाद
'भगवन्! यह दस मुख वाला रावण स्वर्ग पर आक्रमण करने आया है। उसके साथ एक विशाल सेना है। उसने आज रात यहीं डेरा डाला है।'
 
‘God! This ten-faced Ravana has come to attack heaven. He has a huge army with him. He has camped here tonight. 46 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)