श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 25: यज्ञों द्वारा मेघनाद की सफलता, विभीषण का रावण को पर-स्त्री-हरण के दोष बताना, कुम्भीनसी को आश्वासन दे मधु को साथ ले रावण का देवलोक पर आक्रमण करना  »  श्लोक 38-39h
 
 
श्लोक  7.25.38-39h 
स तु गत्वा मधुपुरं प्रविश्य च दशानन:॥ ३८॥
न ददर्श मधुं तत्र भगिनीं तत्र दृष्टवान्।
 
 
अनुवाद
मधुपुर पहुँचने पर दशमुख रावण को वहाँ कुम्भिनी तो दिखी, परन्तु मधुका नहीं दिखी। 38 1/2॥
 
After reaching Madhupur, Dashmukh Ravana saw Kumbhini there, but he did not see Madhuka. 38 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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