श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 25: यज्ञों द्वारा मेघनाद की सफलता, विभीषण का रावण को पर-स्त्री-हरण के दोष बताना, कुम्भीनसी को आश्वासन दे मधु को साथ ले रावण का देवलोक पर आक्रमण करना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.25.16 
ततो गत्वा दशग्रीव: सपुत्र: सविभीषण:।
स्त्रियोऽवतारयामास सर्वास्ता बाष्पगद‍्गदा:॥ १६॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् दशग्रीव अपने पुत्र और विभीषण के साथ पुष्पक विमान से उन सब स्त्रियों को नीचे ले आए जिन्हें अपहरणकर्ता ले आया था। वे अब भी आँसू बहा रही थीं और रुंधे हुए गले से विलाप कर रही थीं॥16॥
 
Thereafter, Dashagriva along with his son and Vibhishan went and brought down from Pushpaka Vimana all the women whom the abductor had brought. They were still shedding tears and wailing with choked throats.॥ 16॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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