श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 23: रावण के द्वारा निवातकवचों से मैत्री, कालकेयों का वध तथा वरुणपुत्रों की पराजय  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  7.23.31 
अमात्यैश्च महावीर्यैर्दशग्रीवस्य रक्षस:।
वारुणं तद् बलं सर्वं क्षणेन विनिपातितम्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
दशग्रीव राक्षस के महाबली मंत्रियों ने एक ही क्षण में वरुण की सम्पूर्ण सेना को मार डाला ॥31॥
 
The mighty ministers of the demon Dashagriva killed the entire army of Varuna in a single moment. 31॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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