श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 23: रावण के द्वारा निवातकवचों से मैत्री, कालकेयों का वध तथा वरुणपुत्रों की पराजय  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  7.23.28 
एतस्मिन्नन्तरे क्रुद्धा वरुणस्य महात्मन:।
पुत्रा: पौत्राश्च निष्क्रामन् गौश्च पुष्कर एव च॥ २८॥
 
 
अनुवाद
इतने में ही सूचना पाकर महात्मा वरुण के पुत्र और पौत्र क्रोध में भरकर बाहर आये। उनके साथ 'गौ' और 'पुष्कर' नाम के सेनापति भी थे॥ 28॥
 
Meanwhile, on receiving the information, the son and grandson of Mahatma Varun came out filled with anger. Along with them were the army chiefs named 'Gau' and 'Pushkar'.॥ 28॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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