क्षरन्तीं च पयस्तत्र सुरभिं गामवस्थिताम्।
यस्या: पयोऽभिनिष्पन्दात् क्षीरोदो नाम सागर:॥ २१॥
अनुवाद
सुरभि नाम की एक गाय भी वहाँ खड़ी थी, उसके थनों से दूध बह रहा था। कहते हैं कि सुरभि के दूध की धारा से क्षीरसागर भर जाता है।
A cow named Surabhi was also standing there, milk was flowing from her udders. It is said that the ocean of milk is filled with the flow of Surabhi's milk.