श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 23: रावण के द्वारा निवातकवचों से मैत्री, कालकेयों का वध तथा वरुणपुत्रों की पराजय  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  7.23.21 
क्षरन्तीं च पयस्तत्र सुरभिं गामवस्थिताम्।
यस्या: पयोऽभिनिष्पन्दात् क्षीरोदो नाम सागर:॥ २१॥
 
 
अनुवाद
सुरभि नाम की एक गाय भी वहाँ खड़ी थी, उसके थनों से दूध बह रहा था। कहते हैं कि सुरभि के दूध की धारा से क्षीरसागर भर जाता है।
 
A cow named Surabhi was also standing there, milk was flowing from her udders. It is said that the ocean of milk is filled with the flow of Surabhi's milk.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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