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ramayan 7.22.39: हे महाबली एवं पराक्रमी वैवस्वत! इस मृत्युदण्ड से रात्रि-राक्षस रावण को मत मारो।   |   ramayan सर्ग 7.22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान  »  श्लोक 39
 
 
श्लोक  7.22.39 
वैवस्वत महाबाहो न खल्वमितविक्रम।
न हन्तव्यस्त्वयैतेन दण्डेनैष निशाचर:॥ ३९॥
 
 
अनुवाद
हे महाबली एवं पराक्रमी वैवस्वत! इस मृत्युदण्ड से रात्रि-राक्षस रावण को मत मारो।
 
O mighty and powerful Vaivasvat! Do not kill the night-demon Ravana with this punishment of death.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)