Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.22.36: वह कालदण्ड ज्वालाओं से घिरा हुआ उस राक्षस को जलाकर मारने के लिए तत्पर था। महाबली यमराज के हाथ में वह महान् अस्त्र अपनी महिमा से चमक रहा था। 36॥ | ramayan सर्ग 7.22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स ज्वालापरिवारस्तु निर्दहन्निव राक्षसम्।
तेन स्पृष्टो बलवता महाप्रहरणोऽस्फुरत्॥ ३६॥
अनुवाद
वह कालदण्ड ज्वालाओं से घिरा हुआ उस राक्षस को जलाकर मारने के लिए तत्पर था। महाबली यमराज के हाथ में वह महान् अस्त्र अपनी महिमा से चमक रहा था। 36॥
That Kaaldand, surrounded by flames, was ready to burn that demon to death. That great weapon in the hands of the mighty Yamraj shone with its glory. 36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥