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ramayan 7.22.12: परंतु सम्पूर्ण जगत् को भयभीत करने वाले उस राक्षसी रथ को देखकर भी दशग्रीव को न तो क्रोध हुआ और न भय॥12॥   |   ramayan सर्ग 7.22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान   ।   ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड   ।   श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण  »  काण्ड 7: उत्तर काण्ड  »  सर्ग 22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.22.12 
स तु तं तादृशं दृष्ट्वा रथं लोकभयावहम्।
नाक्षुभ्यत दशग्रीवो न चापि भयमाविशत्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
परंतु सम्पूर्ण जगत् को भयभीत करने वाले उस राक्षसी रथ को देखकर भी दशग्रीव को न तो क्रोध हुआ और न भय॥12॥
 
But even after seeing that monstrous chariot which terrified the entire world, Dashagriva neither felt anger nor fear. 12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)