Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 ramayan 7.22.1: (अगस्त्यजी कहते हैं - रघुनन्दन!) रावण की उस महान् पुकार को सुनकर सूर्यपुत्र भगवान यम ने समझ लिया कि 'शत्रु विजयी हो गया और मेरी सेना मारी गई'॥1॥ | ramayan सर्ग 7.22: यमराज और रावण का युद्ध, यम का रावण के वध के लिये उठाये हुए कालदण्ड को ब्रह्माजी के कहने से लौटा लेना, विजयी रावण का यमलोक से प्रस्थान । ramayan काण्ड 7: उत्तर काण्ड । श्रीमद् वाल्मीकि रामायण Srimad Valmiki Ramayana | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स तस्य तु महानादं श्रुत्वा वैवस्वत: प्रभु:।
शत्रुं विजयिनं मेने स्वबलस्य च संक्षयम्॥ १॥
अनुवाद
(अगस्त्यजी कहते हैं - रघुनन्दन!) रावण की उस महान् पुकार को सुनकर सूर्यपुत्र भगवान यम ने समझ लिया कि 'शत्रु विजयी हो गया और मेरी सेना मारी गई'॥1॥
(Agastyaji says - Raghunandan!) Hearing that great cry of Ravana, Lord Yama, the son of Surya, understood that 'the enemy was victorious and my army was killed'. 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥